जन्नत पर रार ,370 की धारा पार।
ज़मीन पर अगर कहीं जन्नत है तो बस यहीं है ,यहीं है ,यहीं है
कश्मीर की खूबसूरत वादियां बरसों से संगीनों के साये में हैं,कश्मीरियत...
जरूरत से ज्यादा डर ताकत बन जाता है!!
आज जिस तरह सरकारी तंत्र संविधान और कानून को ताक पर रख कर अपनी मनमानी पर उतारू है उसने यह सवाल पैदा कर दिए...








































