वह तोड़ते भारत देखा उसे मैंने न्यू इंडिया के पथ पर।
आपने महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की मशहूर कविता वह तोड़ती पत्थर देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर तो सुनी और पढ़ी होगी याद...
देश के लिये घातक है चाय ??
क्या हुआ ? आप इतनी हैरत में क्यों है मैं यूँही कोई बात नहीं कह रहा चाय का सच बता रहा हूँ अभी तक...







































