सफ़र ज़िंदगी के दोराहे से राजनीत के 8 लेन तक !!
समय कितनी तेज़ भाग रहा है और जब समय की रफ़्तार तेज़ है तो उससे कदम से कदम मिलाने के लिए अपनी गति भी...
प्रधानमंत्री और झूठ …..कमाल है!!
जी हां देश के लोकतंत्र का मंदिर हो और उसमें देश के संविधान की शपथ लेने वाला राष्ट्रभक्त प्रधानमंत्री और मंदिर खचाखच भरा हो...







































