वह तोड़ते भारत देखा उसे मैंने न्यू इंडिया के पथ पर।
आपने महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की मशहूर कविता वह तोड़ती पत्थर देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर तो सुनी और पढ़ी होगी याद...
शहीदे वतन को सलाम हमारी ज़िन्दगी उनकी कुर्बानियों की कर्जदार है...
26 जुलाई ,नई दिल्ली,ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल द्वारा कारगिल विजय दिवस पर इंडिया गेट नई दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें...








































